पहली तारीख पहला महीना, कसमे वादों का जखीरा

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आ गया नया साल

गिरते-पड़ते, दौड़ते-भागते, थकते-हांफते, थोड़ा चलते थोड़ा रुकते आख़िरकार लो भाई आ गया एक और नया साल। सबसे पहले तो सबको नए साल की हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान से कामना है कि ये साल सबके लिए सुख और समृद्धि की सौगात लाये।

नए साल का इंतज़ार वैसे तो हमें बीते साल की दूसरी तारीख़ से ही होने लगता है। लेकिन फिर भी इतना जल्दी इंतज़ार करना ठीक नही इसलिए इसे हम नवम्बर माह की शुरुआत से मानते है।

नए साल को लेकर दुनियाभर में हर तबके और हर उम्र के लोगों में अपार उत्साह देखने को मिलता है। ऐसा प्रतीत होता है कि पूरी दुनिया एक परिवार है। और उस परिवार के हर सदस्य का आज ही जन्मदिन है। हर तरफ खुशियां, तोहफ़े और गाना-बजाना रहता है।

वैसे तो एक साल में बारह पहली तारीख़ होती है। अर्थात एक साल में पहली तारीख़ कुल मिला कर बारह बार आती है। लेकिन साल की प्रथम पहली तारीख़ का जो जोश और उसकी जो ख़ुशी होती है वो फिर अगले साल की पहली तारीख़ से पहले दुबारा नही दिखाई देती। (जब तक कि पहली तारीख़ को आपकी सैलरी न आती हो।) नए साल की पहली तारीख़ का जोश पहली तारीख़ आने से हफ़्तों पहले शुरू होता है। और पहली तारीख़ गुज़रने के कई दिनों बाद तक रहता है। लेकिन जैसे-जैसे हम साल की प्रथम तारीख़ से दूर जाते है वैसे-वैसे जोश ठंडा पड़ता जाता है। साल के गुजरते दिनों के साथ ही जोश ठंडा और इरादे नम पड़ जाते है।

पहली तारीख़ का जोश:

विभूति नारायण मिश्रा उर्फ़ खचेड़ू अपनी पत्नी अनीता मिश्रा से काफी परेशान रहते है। उनकी पत्नी उन पर हुक्म चलाती है। उनसे घर के सारे काम करवाती है और दिन भर डरा धमका कर रखती है। इसका एक मुख्य कारण है कि विभूति नारायण मिश्रा नल्ले है अर्थात वो कोई काम नही करते। वो दिन भर मोहल्ले के आवारा लोगों के साथ घूमते-फिरते और उल्टी-सीधी हरकतें किया करते है।

विभूति नारायण मिश्रा हर साल पहली तारीख़ को पूरे जोश के साथ संकल्प लेते है कि अब वो अपनी ज़िन्दगी बदलेंगे। इस ज़लालत और ज़हालत भरी ज़िन्दगी में बदलाव लाएंगे। एक ठहराव लाएंगे। नही सहेंगे अपनी पत्नी का ज़ुल्म और ज़माने के ताने। इसके लिए वो संकल्प लेते है कि इस साल कोई न कोई अच्छी नौकरी अवश्य ही तलाश लेंगे।

वैसे तो विभूति नारायण मिश्रा अपने समय में छपरा विश्वविद्यालय के मेधावी छात्रों की अग्रिम पंक्ति के होनहार छात्र थे। परंतु अत्यधिक आलस्य और स्वयं को सबसे ऊपर समझने की वजह से वो कभी कोई काम न कर पाए। खैर फिर भी वो हर नए साल की पहली तारीख़ को एक संकल्प अवश्य लेते है। वो संकल्प हर वर्ष एक ही होता है कि इस साल तो कोई अच्छा काम अवश्य प्राप्त कर लगे। ऐसा लगभग पिछले 6-7 सालों से हो रहा है। लेकिन वास्तविकता के धरातल पर विभूति नारायण मिश्रा आज भी नल्ले के नल्ले ही है।

वो लोग जिन्हें विभूति और अनीता जाने पहचाने लग है वो बिल्कुल सही समझ रहे है। ये दोनों वही है जो आप समझ रहे है। जिन्हें ये पहचान नही आ रहे है वो इन्हें सिर्फ विभूति और अनीता ही रहने दे।

खैर यहाँ विभूति नारायण मिश्रा की जीवनगाथा का आशय बस इतना है कि आप अपने जीवन में विभूति न बने। साल के आरम्भ में जो भी लक्ष्य निर्धारित कर रहे है, जो भी संकल्प ले रहे है उन्हें पूर्ण करे।

नए साल का आरम्भ:
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नया साल वैसे तो ज्यादा कुछ नया नही होता। वही 7 दिन और 12 महीने फिर से शुरू हो जाते है। फिर भी नया साल कई मायनों में बिल्कुल नया और नवीन होता है। यदि बात की जाए नए साल की पहली तारीख़ की। तो नए साल के पहले दिन मन में बहुत सारे सपने होते है, बहुत सारी उम्मीदें और कुछ पछतावें भी। पिछले साल जो सोचा उसे न कर पाने का भी दुःख कहीं न कहीं दिल में रह जाता है। मगर फिर भी साल की पहली तारीख़ में कुछ तो अजीब बात होती है जो हमे ऊर्जा से भर देती है। ये तारीख़ हर वर्ष हमे कुछ अद्भुद करने के लिए कहती है। इस दिन हम ऊर्जा से भरे हुए होते है। साथ ही बहुत कुछ करने का एक अद्भुद जोश भी मन में होता है। हालांकि बीते साल की बातें भी बार-बार जेहन में आती रहती है।

बीते साल में अच्छा बुरा आपके साथ भी हुआ होगा, मेरे साथ भी हुआ। बीते साल जो बुरा हुआ या किया उसे बीते साल के साथ छोड़ देना चाहिए। जो अच्छा किया उसे और अच्छा करने की कोशिश जारी रखनी चाहिए। मैं भी सिर्फ आज में ही जीता हूँ। लोग आज के दिन को नए-नए रेसोल्यूशन (संकल्प) लेने में बिता देते है। खुद से और दूसरों से वादे करते है। मैं ऐसे संकल्पों को ले कर नही चलता। आपसे भी यही कहूंगा कि बीते कल को भूल कर आज में जीना शुरू कीजिए।

नए साल के संकल्प (वादे):

नए साल का जश्न हर उम्र के लोगों को एक साथ ला कर एक ही धरातल पर खड़ा कर देता है। हर उम्र के लोग अपनी सोच-समझ और जरूरत के हिसाब से नए साल के संकल्प लेते है। खुद से वादे करते है। लेकिन बीते हुए हर साल की तरह ही इस साल भी किये वादे भूल जायेगे या इस बार कुछ याद भी रहेंगे इसका कोई वादा नही होता।

तो इस नए वर्ष सबसे पहला वादा ये कीजिये कि इस साल कोई भी वादा अधूरा नही छोड़ेंगे। इसी वादे के साथ वर्ष का आरम्भ कीजिये तो पूरा साल आप स्वयं से ईमानदार रहेंगे। और हर वो लक्ष्य प्राप्त करेगे जिसका आपको बीते कई वर्षो से इंतज़ार था।

बच्चों के लिए नया साल:

स्कूल जाते बच्चों को चाहिए कि वो ये संकल्प ले कि इस साल खूब अच्छे से और ईमानदारी से पढेंगे। बड़ो का कहना मानेंगे और उनकी सेवा और इज़्ज़त करेगे। जरूरतमंद की मदद करेगे और देश को स्वच्छ रखेगे।

बड़ो के लिए नया साल:

नौकरी पेशा वालो को चाहिए कि इस वर्ष ये संकल्प ले कि अपनी नौकरी और देश व देश की जनता के प्रति ईमानदार रहेंगे। बच्चों पर ज्यादा गुस्सा नही करेगे। सबकी मदद करेगे। माता-पिता पर पूर्ण और सम्यक ध्यान देगें तथा उनके साथ समय व्यतीत करेंगे।

बुजुर्गों के लिए नया साल:

बुजुर्गों को चाहिए कि वो संकल्प करे कि आने वाली पीढ़ी का उचित व सही मार्गदर्शन करेगे।

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कुछ अन्य महत्वपूर्ण बातें:

हम बहुत कुछ आने वाले कल पर छोड़ देते है। वादे करते है कि कल करेंगे। लेकिन ऐसा सोच कर चलना कई बार हमें ज़िन्दगी में और रिश्तों में बहुत पीछे छोड़ देता है। हमें शुरुआत करनी चाहिए आज से, फिर चाहे वो साल की पहली तारीख़ हो या अंतिम।

एक बात यह भी है कि अब नए साल का जश्न हर तबके में होता है। मगर इस जश्न में हम सिर्फ खुद तक सीमित रहते है। सिर्फ अपने लिए और अपनों के लिए तोहफ़े लेते है। खुद से और खुद से जुड़े लोगो से अलग किसी के बारे में ज्यादा कुछ नही सोचते। हमें इस साल से दूसरों के बारे में भी सोचना है। जो सुकून हमे किसी की मदद करने और दूसरों को खुशी देने से मिलता है वो पार्टी से कहीं ज्यादा होता है।

इस वर्ष हमे पूर्ण प्रयास करना है कि हम एक सच्चे और ईमानदार नागरिक बने। निजी लाभ से पूर्व जनलाभ को महत्व दे। स्वयं के अतरिक्त भी जीवन व्यतीत करे। इन्हीं कुछ अंतिम शब्दों के साथ आपसे विदा चाहूँगा, ईश्वर आप सबको सुख एवं समृद्धि प्रदान करे। जय हिंद, जय भारत।

नव वर्ष सबके लिए मंगलमय हो।

7 comments

  1. मेरा भी हर साल एक भ्रम मे निकलता है कि ये साल मैं पतली हो जाऊंगी पर ये पढ़ के लग रहा कि अब सोचना नही करना है!

  2. Bhut acha h agr yhi bt sb smjh jye to hmra desh sbse adhik sundar or pyra ho jye hme yd rkhna chahiye
    Hm jo aj krenge kl wo dusra krenga or whi fr kl koi tisra krega pariwartan sansar ka niyam h
    Is liye aj pr hardwaork krna important h jai Bharat mata ki

  3. Yesss absoulatley right we have to face all type of situations in this year bcz we have to prepared for it all type of situations come our in life sad,happy,lot’s of tense but still on our face we have got a big smile 😊😊

  4. दुनिया में बहुत सारे लोग ऐसा ही करते है, हो सकता है मै भी उन्ही में से एक हु परन्तु आपका सन्देश हम सभी के लिए सीख का सन्देश है , नए साल की हार्दिक शुभकामनाये ..

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